दिल्ली का आर्थिक सर्वेक्षण जारी: प्रति व्यक्ति आय 5.31 लाख के पार, विकास की रफ्तार तेज

नई दिल्ली
दिल्ली सरकार ने सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी किया है, जो इस शृंखला का 17वां संस्करण है। यह सर्वेक्षण दिल्ली को विश्व स्तरीय, समावेशी, न्यायपूर्ण और रहने योग्य शहर बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित करता है, जहां नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने पर जोर दिया गया है। अग्रिम अनुमानों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) मौजूदा कीमतों पर करीब 13 लाख 27 हजार करोड़ रुपए पहुंचने की उम्मीद है। यह 2024-25 की तुलना में 9.42 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्शाता है।

 इसी तरह प्रति व्यक्ति आय मौजूदा कीमतों पर लगभग 5 लाख 31 हजार 610 रुपए अनुमानित है, जो पिछले साल से 7.92 प्रतिशत अधिक है। दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से करीब 2.5 गुना ज्यादा रहने का अनुमान है, जो शहर की मजबूत आर्थिक स्थिति को दिखाता है। दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का दबदबा बना हुआ है। सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में इसका योगदान 86.32 प्रतिशत है। इसके बाद द्वितीयक क्षेत्र (उद्योग आदि) का 12.88 प्रतिशत और प्राथमिक क्षेत्र (कृषि आदि) का महज 0.80 प्रतिशत योगदान है। सेवा क्षेत्र की वजह से दिल्ली की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है।

ये भी पढ़ें :  डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा कदम: पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन के 92% कार्यकारी आदेश रद्द

सरकार ने राजस्व अधिशेष की परंपरा बरकरार रखी है। 2025-26 के बजट अनुमान (बीई) में राजस्व अधिशेष 9,661.31 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो जीएसडीपी का 0.73 प्रतिशत है। कर संग्रह में पिछले साल की तुलना में 15.54 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। 2025-26 का कुल बजट 1 लाख करोड़ रुपए का था, जिसमें से 59,300 करोड़ रुपए सरकार की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए। यह 2024-25 के बजट अनुमान (39,000 करोड़) से 20,300 करोड़ रुपए अधिक है। बजट आवंटन में परिवहन क्षेत्र को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है, जिसे कुल आवंटन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा मिला। इसके बाद सामाजिक सुरक्षा और कल्याण (17 प्रतिशत), जल आपूर्ति एवं स्वच्छता (15 प्रतिशत), शिक्षा (13 प्रतिशत) और स्वास्थ्य (12 प्रतिशत) क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।

ये भी पढ़ें :  श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे गिरफ्तार, सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप

महंगाई के मोर्चे पर भी दिल्ली में दबाव दिखा है। औद्योगिक श्रमिकों के लिए वार्षिक औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2024 में 132.5 से बढ़कर 2025 में 139.4 हो गया, जो 4.9 प्रतिशत की वृद्धि है। कुल मिलाकर दिल्ली की अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है। सेवा क्षेत्र की अगुवाई, राजस्व अधिशेष और विकास परियोजनाओं पर फोकस से शहर की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को और अधिक समृद्ध, समावेशी और वैश्विक स्तर का शहर बनाना है।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment